दिल्ली विधानसभा चुनाव का मैदान सज चुका है. नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार को थी. इसके बाद से दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर इस बार कुल 699 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन 70 सीटों में से 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने परंपरा से हटते हुए तीन सामान्य सीटों पर भी अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं. लेकिन दिल्ली में पिछले तीन बार से सरकार चला रही आम आदमी पार्टी ऐसा कर पाने में नाकाम रही है. आइए देखते हैं कि किस पार्टी ने किस सामान्य सीट से दलित उम्मीदवार को खड़ा किया है.
साल 1998 से दिल्ली की सत्ता से दूर चल रही बीजेपी ने इस बार 14 सीटों पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवार उतारे हैं. उसने दिप्पी इंदौरा को मटियामहल सीट और कमल बागड़ी का बल्लीमारान सीट से उम्मीदवार बनाया है. वहीं कांग्रेस ने नरेला सीट
से अरुणा कुमारी को उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी ने इंदौरा को 2022 के एमसीडी चुनाव में भी मटिया महल से उम्मीदवार बनाया था. लेकिन वो आप के किरनबाला से हार गए थे. वहीं उसके दूसरे उम्मीदवार बागड़ी बल्लीमारान विधानसभा सीट के तहत आने वाले रामनगर वार्ड से बीजेपी के टिकट पर पार्षद चुने गए थे.बीजेपी ने जिन सामान्य सीटों पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवार उतारे हैं, वो दोनों सीटें मुस्लिम बहुल इलाकों में हैं.वहीं कांग्रेस ने नरेला से जिस अरुणा कुमारी को टिकट दिया है, वह भी पहले एमसीडी पार्षद रह चुकी हैं.
