जाने-माने अभिनेता प्रतीक गांधी जल्द ही बड़े पर्दे पर ज्योतिबा फुले के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म 11 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। फिल्म के प्रमोशन के बीच प्रतीक गांधी ने सलमान खान के राम मंदिर वाली घड़े के विवाद पर रिएक्शन दिया। साथ ही बताया कि गांधी वेब सीरीज की शूटिंग कितनी पूरी हुई है। दैनिक जागरण के साथ बातचीत में प्रतीक ने क्या-क्या कहा, जानिए यहां।
क्या कोई फार्मूला है कि अहम बायोपिक आपके पास आ रही हैं?
शायद कोई फार्मूला नहीं है, यही सबसे बड़ा फार्मूला है। ज्योतिबा फुले जैसा बनना आसान नहीं, जिन्होंने समाज के लिए सोचा कि मैं उसके विरुद्ध जाकर उसमें लिप्त गलत बातों को बदलूंगा। हम वर्ष 1840 के आसपास की बात कर रहे हैं, उनका कोई वीडियो नहीं था, जो तस्वीर है, वह भी पेंटिग है। उसी के आधार पर मुझे अपना पात्र गढ़ना था।ज्योतिबा फुले इतने जुनूनी थे कि जहां लोग बच्चों को पढ़ाने के लिए भेज नहीं रहे थे खास कर लड़कियों को। वह उन्हें स्मगल करके कचरे की गाड़ी में छिपा कर लाते थे, पढ़ाते थे और फिर भेज देते थे। हम लंबी लड़ाई लड़ते हुए यहां तक पहुंचे हैं।
आपके पिता शिक्षक रहे हैं। घर में शिक्षा को लेकर माहौल कैसा था?
मेरे पिताजी कहते थे कि मैं तुम लोगों के लिए जमीन-जायदाद, पैसा, बैंक बैलेंस नहीं छोड़कर जाऊंगा। पिता और शिक्षक दोनों होने के नाते मैं केवल शिक्षा दे सकता हूं। इससे आप अपनी जिंदगी बना सकते हैं।
