भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कद्दावर नेताओं में से एक हैं. इन दोनों नेताओं में कुछ ऐसी समानताएं हैं, जो इन्हें दुनिया के अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती है. दोनों ही नेता कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं. पीएम मोदी ने भारत में नोटबंदी, धारा 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और तीन तलाक को अपराध बनाने जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए. वहीं, ट्रंप ने भी अमेरिका में कई व्यापार समझौतों को बदला, ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग किया और मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने का फैसला लिया.अवैध घुसपैठियों के खिलाफ
दोनों ही नेता अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर काफी सख्त रहे हैं. मोदी सरकार ने जहां NRC और CAA जैसे कानून लाकर अवैध घुसपैठियों पर लगाम लगाने की कोशिश की, वहीं ट्रंप ने मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने और अवैध अप्रवासियों को देश से बाहर निकालने की बात कहकर इस मुद्दे को हवा दी.
शांति की चाह
भले ही ये दोनों नेता अपनी सख्ती के लिए जाने जाते हों, लेकिन ये शांति के भी पक्षधर हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध हो या फिर इजरायल-हमास संघर्ष, दोनों ने ही शांति की अपील की. ट्रंप ने तो उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से मुलाकात करके सबको चौंका दिया था.जनता से सीधा जुड़ाव
ट्रंप एक सफल बिजनेसमैन रहे हैं, तो पीएम मोदी चाय बेचने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय कर चुके हैं. दोनों ही नेताओं में आम जनता से जुड़ने और उनकी नब्ज़ समझने की अद्भुत क्षमता है. पीएम मोदी की 'मन की बात' और रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ इस बात का सबूत है.
