पर सिर्फ गिनी चुनी जगहों पर ही अधिकारियों का हथौड़ा चल सका। जो कि अवैध निर्माण की फेहरिस्त को कहीं से कम करता हुआ नहीं दिखा। शायद यही कारण है कि शहर का अनियोजित ढंग से विकास होता चला जा रहा है, जिसका खामियाजा शायद हमें आने वाले सालों में उठाना भी पड़े। जानकारी के मुताबिक यदि एक बार बिल्डिंग बन गई तो कोर्ट के आदेश के बिना उसे गिरा पाना आसान नहीं है।
शहर में बटगंज,सिविल लाइन,गुरुद्वारा आदि की अवैध निर्माण की खबरे यदा कदा मीडिया व शोशल मीडिया पर आती रहती है पर असर वही ढाक के तीन पात की कहावत चरितार्थ करता नजर आता है।
कहा कहा हो रहा अवैध निर्माण
सीतापुर से खैराबाद चुंगी तक एन एच 24 व रेलवे के बीच मे पड़ी खाली जगहों पर खुले आम निर्माण व अतिक्रमण हो रहा है प्रशासन जान बूझ कर कुंभकर्णी नींद में होने का नाटक कर रहा है।
वही शहर के अंदर बट्सगंज,गुरुद्वारा रोड,सिविल लाइन,खैराबाद में नजूल की जगहों पर नवनिर्माण आप को देखने को मिल जाएंगे।
नक्शा रजिस्ट्री कुछ भी न हो फिर भी करवा सकते है निर्माण

सीतापुर प्रशासन योगी मोदी की योजनाओं में खुले आम पलीता लगाता हुआ नजर आ रहा है
सूत्रों की माने आप के पास नक्शा रजिस्ट्री कुछ भी न हो फिर भी करवा सकते है मनमाना निर्माण बस आप की पहुच व जेब मजबूत करने की ताकत हो। सूत्रों की माने राजस्व के बड़े पद पर आसीन अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र में अपने हैंड छोड़ रखे है उन्ही के माध
