नई दिल्ली लोकसभा सीट पर वर्ष 2019 में निर्वाचित हुई सांसद बांसुरी स्वराज के चुनाव को चुनौती देने वाले आप पूर्व विधायक सोमनाथ भारती को सोमवार काे दिल्ली हाईकोर्ट ने फटकार लगाई। निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब नहीं दाखिल करने पर न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ ने कहा कि चुनाव में व्यस्त क्यों न हो, जवाब दाखिल किया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए सोमनाथ भारती ने दावा किया कि उनकी याचिका पर बांसुरी स्वराज का जवाब अभी तक नहीं मिला है। इसके जवाब में पीठ ने नोट किया कि सोमनाथ की तरफ से पेश हुए प्रॉक्सी अधिवक्ता ने नौ दिसंबर 2024 को जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था।
सोमनाथ ने दोबारा जवाब दाखिल करने का किया अनुरोध
सोमनाथ ने मामले में दोबारा जवाब दाखिल करने का समय देने का अनुरोध किया। सोमनाथ के अनुरोध का विरोध करते हुए बांसुरी स्वराज की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि जवाब दाखिल करने के लिए 30 दिनों की वैधानिक अवधि समाप्त हो गई है।इस पर पीठ ने सोमनाथ से पूछा कि क्या उन्होंने अदालत का आदेश देखा है। सोमनाथ ने कहा कि वह चुनावों में व्यस्त थे और प्रॉक्सी वकील ने गलत बयान दिया था। पीठ ने सवाल किया कि वह कानून बताएं जिसमें कहा गया हो कि वादी के चुनाव में व्यस्त होने के कारण निर्धारित समयसीमा का कानून लागू नहीं होगा? पीठ ने कहा कि सोमनाथ प्रॉक्सी वकील की गलती के पीछे खुद को बचा नहीं सकते हैं और अदालत कोई डाकघर नहीं है।
बांसुरी पर भ्रष्ट आचरण कर चुनाव जीतने का लगाया था आरोप
पीठ ने कहा कि अगर जवाब की प्रति नहीं मिली तो पक्षकारों को आपस में एक-दूसरे से संवाद करना होगा। सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया है कि बांसुरी स्वराज ने भ्रष्ट आचरण के आधार पर लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की है। यह भी आरोप लगाया कि स्वराज ने स्वीकृत व्यय से अधिक खर्च किया था।
