बीएचयू की पुष्प प्रदर्शनी में दिखा फूलों का चंद्रयान, पुष्प कलश ने मोह लिया मन
बीएचयू के संस्थापक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर बृहस्पतिवार से पुष्प प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान दो घंटे में 8700 लोग पहुंचे और हजारों फूलों के बीच भौरों की तरह से गुंजन करते रहे। महामना की 164वीं जयंती पर आयोजित 66वीं मालवीय स्मृति पुष्प प्रदर्शनी में चंद्रयान मिशन के पुष्प रॉकेट ने तकनीक और संगम माघ मेले के पुष्प कलश ने परंपरा को एक साथ जोड़ा। पुष्प रॉकेट देखकर ऐसा लगा मानो वह चंद्रमा की ओर लॉन्च होने को तैयार हो। कलाकारों ने हजारों फूलों से इसे इस तरह सजाया कि रॉकेट के दोनों बूस्टर फायर के नीचे से धुआं निकलता हुआ भी दिखाया गया मालवीय भवन में 25 से 27 दिसंबर तक चलने वाली प्रदर्शनी में इस बार विभिन्न प्रजातियों के फूलों और सब्जियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मालवीय भवन के प्रवेश द्वार पर आकर्षक फूलों से स्वागत द्वार बनाया गया है। साथ ही अंदर जाने पर लोगों को एक से बढ़कर एक फूलों की सजावट देखने को मिल रही है। प्रदर्शनी का उद्घाटन बृहस्पतिवार को मालवीय भवन परिसर में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने किया। 27 दिसंबर को समापन समारोह में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा बतौर मुख्य अतिथि रहेंगे। प्रदर्शनी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), रेलवे, जिला उद्यान विभाग, केंद्रीय कारागार, 39 जीटीसी, हवाई अड्डा प्राधिकरण और तिब्बती संस्थान, सारनाथ के प्रतिनिधि शामिल हैं। तीन दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में रसायन मुक्त सब्जियों, पौधों की दुर्लभ प्रजातियां भी दिखीं। विश्वविद्यालय परिसर से एकत्रित सूखी पत्तियों से तैयार उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद (पत्ती खाद) की प्रदर्शनी और बिक्री मुख्य आकर्षण रही। इस वर्ष की प्रदर्शनी का विषय चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता और प्रयागराज के माघ मेले से जुड़ी जैविक खेती की भावना पर आधारित है। प्रदर्शनी के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों, विभागों, छात्रावासों और आवासीय परिसरों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है।
