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मौलानाओं में छिड़ा विवाद जानें नाच-गाना और पार्टी करने पर क्या कहता है इस्लाम? न्यू ईयर जश्न नाजायज

न्यू ईयर पर जश्न करना जायज या नाजायज है? इसको लेकर मौलानाओं में विवाद छिड़ गया है।
  • By Tiranga Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: December 30, 2025

मौलानाओं में छिड़ा विवाद  जानें नाच-गाना और पार्टी करने पर क्या कहता है इस्लाम? न्यू ईयर जश्न नाजायज 

न्यू ईयर पर जश्न करना जायज या नाजायज है? इसको लेकर मौलानाओं में विवाद छिड़ गया है। आगे पढ़ें और जानें नाच-गाना व पार्टी करने पर इस्लाम क्या कहता है? राजधानी लखनऊ समेत प्रदेशभर में साल की विदाई और नए साल के आगमन पर जश्न की तैयारियां हैं। इसको लेकर पार्क, रेस्त्रां और पर्यटन स्थलों पर भी तैयारी पूरी है। उधर, मुसलमानों के नया साल मनाने पर कुछ विवाद सामने आया है। इस पर अलग-अलग मौलानाओं के अलग-अलग मत हैं। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की ओर से नए साल के जश्न को नाजायज करार दिया गया। 

इस पर मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि इस्लाम ने न तो न्यू ईयर की पार्टी मनाने का हुक्म दिया है, और न ही इसे मना किया है। नए साल के जश्न को नाजायज ठहराना इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं से मेल नहीं खाता है।  मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि इस्लाम में फूहड़पन, फिजूलखर्ची और नाच-गाने से हमेशा मना किया गया है, लेकिन नए साल के स्वागत को किसी मजहबी एतराज की बुनियाद पर हराम या नाजायज कहना सही नहीं है। उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि नए साल पर खर्च करना चाहते हैं तो गरीबों को कंबल व स्वेटर बांटें।  

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