भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची की टीम ने रांची के कोतवाली थाने के दारोगा ऋषिकांत को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है।
दारोगा ने जब्त मोबाइल मुक्त करने संबंधित एनओसी देने के एवज में आवेदक से पांच हजार रुपये मांगा था। एसीबी ने जाल बिछाकर महिला थाना परिसर से उसे गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता रांची के रातू थाना क्षेत्र के रातू चट्टी निवासी ओम शंकर गुप्ता हैं। उन्होंने एसीबी में उक्त दारोगा के विरुद्ध लिखित शिकायत की थी। उन्होंने एसीबी को बताया था कि उनके विरुद्ध छह नवंबर 2024 को कोतवाली थाने में कांड संख्या 308/24 दर्ज था। इस केस में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल चुका है।जब उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई, तब उनके मोबाइल को कोतवाली थाना ने जब्त कर लिया था। जमानत मिलने के बाद वे अपना मोबाइल मुक्त कराने के लिए न्यायालय गए।
दारोगा ने की थी रिश्वत की मांग
जब्त मोबाइल का एनओसी न्यायालय में भेजने के लिए उक्त कांड के अनुसंधानकर्ता कोतवाली थाने के दारोगा ऋषिकांत ने पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की। वे रिश्वत देकर काम नहीं कराना चाहते थे। उन्होंने इसकी शिकायत एसीबी से की।उनकी शिकायत का एसीबी ने सत्यापन कराया तो मामला सही पाया। इसके बाद एसीबी रांची में 27 फरवरी को एसीबी थाना कांड संख्या 02/2025 में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
शुक्रवार को एसीबी ने महिला थाना परिसर में अपना जाल बिछाया। यहां दारोगा ने पीड़ित से जैसे ही पांच हजार रुपये रिश्वत ली, एसीबी ने उसे पकड़ लिया। अब एसीबी की टीम दारोगा के ठिकानों की तलाशी सहित आगे की कार्रवाई कर रही है।
