कन्वॉय में चलेंगे वाहन ; एक्सप्रेस-वे पर चलने के बदले नियम, घटाई गई वाहनों की स्पीड
घटी हुई गति सीमा (तत्काल प्रभाव से 15 फरवरी या कोहरा कम होने तक लागू)
1. एम-1 प्रवर्ग (आठ सीट तक वाले निजी वाहन)
प्रातः 08:00 से रात्रि 08:00 बजे: 80 किमी प्रति घंटा
रात्रि 08:00 से प्रातः 08:00 बजे: 60 किमी प्रति घंटा
2. एम-2 व एम-3 प्रवर्ग (नौ या अधिक सीट वाले यात्री वाहन)
प्रातः 08:00 से रात्रि 08:00 बजे: 60 किमी प्रति घंटा
रात्रि 08:00 से प्रातः 08:00 बजे: 50 किमी प्रति घंटा
3. एन प्रवर्ग (मालवाहक वाहन)
प्रातः 08:00 से रात्रि 08:00 बजे: 50 किमी प्रति घंटा
रात्रि 08:00 से प्रातः 08:00 बजे: 40 किमी प्रति घंटा
कोहरे की वजह से एक्सप्रेस-वे पर हो रहे हादसों को देखते हुए यूपीडा ने एक्सप्रेस-वे पर चलने के नियमों में बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश में घने कोहरे और धुंध ने एक्सप्रेसवे पर सफर को जोखिम भरा बना दिया है। कम दृश्यता के चलते बढ़ती दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने बड़ा फैसला लिया है। अब अत्यधिक कोहरे की स्थिति में वाहन चालकों को कन्वॉय यानी संगठित समूह में चलने की सलाह दी गई है। यह व्यवस्था पुलिस और सुरक्षा टीम की निगरानी में लागू होगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। नई व्यवस्था को बृहस्पतिवार रात से लागू कर दिया गया है। यूपीडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसपी शाही ने बताया कि आगरा–लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर तत्काल प्रभाव से विशेष सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए गए हैं। 50 मीटर से कम दृश्यता होने पर वाहनों को निकटतम टोल प्लाजा, वे-साइड सुविधा केंद्र, पेट्रोल पंप या भोजनालय पर रोका जाएगा और फिर कन्वॉय में एक साथ रवाना किया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर मानक कार्यविधि तैयार की गई है। एसपी शाही के अनुसार, स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली में अधिक गति पर चालान की व्यवस्था नई गति सीमा के अनुसार पुनर्निर्धारित कर दी गई है। साथ ही, कोहरे में सुरक्षित यात्रा को लेकर पर्चे तैयार कर टोल प्लाजा, प्रवेश-निकास बिंदुओं और वे-साइड सुविधाओं पर वितरित किए जा रहे हैं, जिनमें सहायता नंबर और सुविधा केंद्रों की जानकारी भी होगी। सभी टोल प्लाजा पर जन उद्घोषणा प्रणाली से लगातार सूचना दी जा रही है, जबकि रेडियो प्रसारण के जरिए भी अपील की जा रही है।
एक्सप्रेसवे पर रिफ्लेक्टिव संकेतकों का नियमित निरीक्षण, कम चमक वाले हिस्सों में सुधार, प्रवेश-निकास बिंदुओं पर फॉग लाइट, घने कोहरे वाले मोड़ों और नदी-नालों के पास अतिरिक्त रिफ्लेक्टर व ब्लिंकर लगाए जा रहे हैं। निर्माण या मरम्मत वाले हिस्सों में भी अतिरिक्त सुरक्षा संकेत अनिवार्य किए गए हैं। सुरक्षा दल 24 घंटे गश्त करेगा और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात रहेंगी।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यात्रा के लिए यात्रियों से अपील
घने कोहरे/धुंध में (50 मीटर से कम दृश्यता होने पर) वाहन निकटतम वे-साइड अमेनिटीज, टोल प्लाजा या पेट्रोल पंप पर सुरक्षित रूप से रोकें और दृश्यता सामान्य होने पर ही यात्रा प्रारंभ करें।
नींद या थकान महसूस होने पर तुरंत वाहन रोककर विश्राम करें।
19 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक एक्सप्रेसवे पर लागू पुनर्निर्धारित अधिकतम गति सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करें।
निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने पर एटीएमएस के माध्यम से चालान किया जाएगा।
