शिक्षक भर्ती और स्कूलों के मर्जर पर सरकार को घेरा : मंत्री संदीप सिंह
हर जिले में साइबर थाने की स्थापना की - मंत्री सुरेश खन्ना
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि शिकायत पर कार्रवाई की जाती है। अपमानजनक टिप्पणी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो पोस्ट करने पर डीआईजी साइबर के माध्यम से कार्रवाई होती है। जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात होती है तो उस पर भी कार्रवाई होती है। पहले दो साइबर थाने थे। योगी सरकार ने करीब-करीब हर जिले में साइबर थाने की स्थापना कर दी है। करीब 84 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। आरोपी पर एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने और सात साल तक की जेल की व्यवस्था है।
सोशल मीडिया पर अश्लील कटेंट को लेकर गंभीर सवाल
सपा विधायक ने सोशल मीडिया पर अश्लील कटेंट को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। कहा कि बिना किसी नियंत्रण और चेतावनी के सोशल मीडिया पर नग्नता परोसी जा रही है। यही नहीं पीएम मोदी खुद कहते हैं कि नौकरी न मिले तो रील बनाओ और पैसे कमाओ। क्या सरकार सोशल मीडिया पर परोसे जा रहे इस तरह के कटेंट के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी?
गन्ना लेकर विधानसभा पहुंचे अतुल प्रधान
सपा विधायक अतुल प्रधान गन्ना लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज किसान दिवस है। सदन में किसान और किसानों की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए।
निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों का होता शोषण
सपा विधायक आरके वर्मा ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के शोषण पर सवाल खड़े किए। मनमानी शुल्क वसूली जाती है। आरटीई के तहत 25 फीसदी तक गरीब के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन, सरकार इसका अनुपालन कराने में असफल है। ये सरकार गरीब विरोधी है। सरकारी स्कूलों की तरह निजी स्कूलों में भी पुस्तकें निर्धारित की जाएं। ताकि, मनमानी वसूली से अभिभावक बच सकें।
शिक्षकों के 1.5 लाख पद खाली, छह साल से नहीं हुई भर्ती-सपा
सपा विधायक सचिन यादव ने कहा कि आज स्कूलों में 1.5 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। आज का शिक्षक चुनाव ड्यूटी करता है, आज एसआईआर करा रहे हैं, मिडडे मिल चलाता है, यही नहीं हर मुसीबत में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है। हर साल 12 हजार शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। लेकिन, छह वर्ष से कोई भर्ती नहीं की गई। आरक्षण देना न पड़े, इसलिए भर्ती नहीं की जा रही है।
कोई स्कूल बंद नहीं किया गया- मंत्री संदीप सिंह
विपक्ष के सवालों के जवाब में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कोई स्कूल बंद नहीं किया गया है। सिर्फ एक किमी के दायरे के स्कूलों को जहां 50 से कम बच्चे थे, उन्हें मर्ज किया गया है। इससे स्कूलों में बच्चे बढ़े और शिक्षकों की भी संख्या बढ़ी। जो स्कूल खाली हुए थे, उनमें बाल वाटिका चलाई जा रही है, ना कि उन्हें बंद किया गया है। हमने शिक्षकों के तबादले की आनलाइन व्यवस्था की। इससे पारदर्शी तरीके से शिक्षकों का तबादला किया गया। कोई भी शिक्षक आनलाइन आवेदन करके म्युचुअल तबादला भी ले सकेगा। शिक्षकों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कैशलेश इलाज की सुविधा की घोषणा की गई है।
शिक्षकों को डाटा एंट्री आपरेटर बना दिया गया
ब्रजेश कटारिया ने कहा कि आज गरीब आदमी अपने बच्चों को निजी स्कूल में भेजने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि, शिक्षकों को डाटा एंट्री आपरेटर बना दिया गया है। जब शिक्षकों का फोकस दस्तावेजों पर होगा तो पढ़ाई कैसे होगी।
विपक्ष ने स्कूलों के मर्जर पर पूछे सवाल
विधायक डॉ रागिनी ने स्कूलों के मर्जर को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि बच्चों की कमी से स्कूल बंद किए गए। तो सवाल यह है कि आठ वर्षों में सरकार ने बच्चे बढ़ाने के लिए क्या योजना बनाई? स्कूलों में दो लाख शिक्षकों की कमी है। शिक्षामित्रों का समायोजन करने या मानदेय बढ़ाने पर सरकार कब कदम उठाएगी।
आपरेशन कायाकल्प से परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदली
इसके जवाब में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत पहले अंग्रेजी भाषा के तहत पठन-पाठन का कार्य किया गया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद, मातृभाषा और स्थानीय भाषा और राष्ठ्र भाषा के आधार पर पढ़ाई कराई जा रही है। अग्रेजी को भी एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। आपरेशन कायाकल्प के तहत हमने परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदली। आज 65 फीसदी स्कूल फर्नीचर से युक्त हैं।
