गुजरात एसटीएफ ने अब्दुल रहमान को आतंकवादी बताकर हरियाणा से गिरफ्तार किया है। उसकी मां आशमीन ने बताया कि बचपन में उसके हार्ट का ऑपरेशन गुजरात में हुआ था और वहीं इलाज भी हुआ। उसका दिल इतना कमजोर है कि वह आतंकवादी कैसे बन सकता है? आर्थिक तंगी से जीवनयापन करने वाले अबू बकर को भी नहीं आभास था कि उसके पुत्र पर आतंकी होने का कलंक लगेगा।
पड़ोसियों और घरवालों की मानें तो अब्दुल रहमान पांच वक्त का नमाजी और धार्मिक रूप से कट्टर था। तब्लीगी जमात और मरकज में जाते-जाते वह मुस्लिम कट्टरपंथियों के संपर्क में आ गया। आशमीन ने बताया कि उसका बेटा इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार करता था और अच्छा काम करना चाहता था।
गुजरात एटीएस, हरियाणा STF की टीम पहुंची थी गांव
अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम रविवार की रात ही मंजनाई गांव पहुंच गई थी। टीम स्थानीय पुलिस की मदद से रहमान के घर पहुंची। उसके मां-बाप से लंबी पूछताछ की। पिता अबू बकर और माता आशमीन ने टीम को बताया कि उसका बेटा नौकरी के लिए दिल्ली गया है। किसी दोस्त का दिल्ली से फोन आया था। चार मार्च को वापस आएगा। वह समझ ही नहीं पा रहे थे कि आखिर प्रकरण क्या है? टीम ने पूरे घर को खंगाल डाला।
